"सूखा फूल"
किताब में रखे सूखे फूल ने
बचपन की यादें ताज़ी कर दी
और मेरे मन ने कुछ देर
अतीत की सुहानी सैर कर ली।
सोचा अब कहाँ है वह दिल
जो फूलों से प्यार करता था
मुस्कुराता, सपने देखता तथा
सबको दोस्त बनाता था।
हम बदले, कुछ परिस्थितियाँ बदलीं
प्रकृति को निहारने की फुरसत कहाँ
नौकरी व रिश्तों के झंझट में ऐसे फंसे
अपने ही दिल में झाँकने का समय कहाँ।
बचपन की यादें ताज़ी कर दी
और मेरे मन ने कुछ देर
अतीत की सुहानी सैर कर ली।
सोचा अब कहाँ है वह दिल
जो फूलों से प्यार करता था
मुस्कुराता, सपने देखता तथा
सबको दोस्त बनाता था।
हम बदले, कुछ परिस्थितियाँ बदलीं
प्रकृति को निहारने की फुरसत कहाँ
नौकरी व रिश्तों के झंझट में ऐसे फंसे
अपने ही दिल में झाँकने का समय कहाँ।
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