Monday, 6 February 2017

हमारी जिंदगी धारावाहिक होती तो?


  • मैं सोच रही थी कि हमारी किसमत लिखनेवाला यदि धारावाहिक के लेखक  जैसा होता, तो पता है क्या होता?
  •  हर कोई रोज आंसू  बहाता। 
  • एक ही इनसान से दो-दो बार शादी होती। एक बार नकली और एक बार असली। 
  • अच्छा आदमी और खासकर औरत, ज़िंदगी भर रोती, और सिर्फ़ आखरी एपिसोड़ में खुश होती।
  • लोग अचानक से मरने के बाद, फिर ज़िंदा हो जाते।
  • शादी के बाद किसी की सुहाग रात कम-से-कम छह महीने तक नहीं होती।
  • दादी और नानी तीस साल की ही लगतीं, जैसे अमृत पीकर आई हों।
  • ज़रूरी बात बोलते समय लोग, दस मिनिट के लिए, स्टैच्यु या पुतले बन जाते।
  • जीवन साथी से अलगाव के बाद दूसरा साथी तुरंत तैयार रहता है।
  • बच्चे आधे घंटे में बड़े हो जाते।
  • किसी की भी याददाश्त झटके में चली जाती।
  • अगर आपकी कहानी रोचक, मज़ेदार, कूटनीति से पूर्ण, अजीब और शविश्वसनीय न हो, तो अचानक से समाप्त।

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